निषेध का दौर शुरू हो गया है, और यह निषेध भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाला पहला निर्णय हो सकता है। भारत सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है जिसमें विदेशी निवेश की अनुमति देने वाले कrypto एक्सचेंजों को बंद करने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश भारत की क्रिप्टोकरेंसी नीति को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
इस आदेश के अनुसार, क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों को अब विदेशी निवेश को स्वीकार नहीं करना होगा। यह आदेश भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के निर्देशों के अनुरूप है, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों को विदेशी निवेश से बचने के लिए कहा गया है। यह आदेश भारत की क्रिप्टोकरेंसी नीति को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, जो देश में क्रिप्टोकरेंसी के विकास को प्रभावित कर सकता है।
यह आदेश भारतीय क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है, जो अब विदेशी निवेश को स्वीकार नहीं करेंगे। यह आदेश भारत की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर सकता है, जो क्रिप्टोकरेंसी के विकास पर निर्भर करती है। , , , ,
